सोमवार, 16 मार्च 2015

नयी पौध की जिम्मेवारी


16 March 2015
23:00

-इंदु बाला सिंह


यूं लगता है कभी कभी
अपने बच्चे को इमानदारी का पाठ पढ़ाने में
माता पिता से भूल हो गयी ..............
शिक्षक भी सोंचता है
अपने छात्र को डांट डांट कर झूठ न बोलने की नसीहत दे कर
शायद वह कोई भूल कर बैठा ............
दिल बैठ सा जाता है किसी इमानदार सरल इंसान को हारते देख कर
कहीं तो दोषी हैं
उसके माता पिता या उसके शिक्षक...........
हम नयी पौध की जिम्मेवारी से
यूं ही मुकर नहीं सकते  |

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