सोमवार, 23 मार्च 2015

हारना मना है |



23 March 2015
22:10

-इंदु बाला सिंह



इन्कलाब की बातें करता

जीता मन

जब समझौते करते करते थक जाता है

तब

उसकी पीठ थपथपाती है बुद्धि  .........

जीना भी एक तपस्या है

घबराना नहीं

हारना मना है |

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