बुधवार, 15 जुलाई 2020

रंगबिरंगा शहर


27/06/20
04:45
-इन्दु बाला सिंह
तेरी दुनिया
तुझी को मुबारक
मुझे न भाये तेरी बस्ती......
तेरी दुनिया
सरल को ठगे
सीमारेखा की लांघ में आनंद पाये.....
मैं
छोटे शहर की
मेरी आकांक्षाएँ छोटी ,सुख- दुःख छोटे ......
मैं
खुश हूं ..... संतुष्ट हूँ
रोज़ के भागम भाग से मुक्त हूँ ।

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