- इंदु बाला सिंह
परिवारों को मजबूत बनाने का नुस्खा आज भी कायम है
कन्यादान कीजिये
संतुष्टि पाईये .....
बेटी का जन्म हुआ
कलेजा कड़ा करके उसे पढ़ा लिखा स्वाभिमानी बनाया
और एक दिन ..... उसे उसके वास्तविक घर में पहुंचा दिया .......
कन्यादान किसी के लिये स्वर्ग का द्वार खोलता है
तो
किसी के लिये समाज में ऊँचा स्थान दिलाने का माध्यम है। ....
दान हुयी बेटी अपने जन्मदाता के लिये तड़पती है
और आजीवन उन्हें सुख पहुंचाना चाहती है
अपने भाई बहन की समस्याएं सुलझाती है .......
बेटे की अपनी समस्याएं हैं ..... उच्च अभिलाषाएं हैं
पिता कन्यादान का सुख भोग अनजाने में ही
आर्थिक और मानसिक बोझ तले दबा देता है अपने बेटे को |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें