शनिवार, 6 अप्रैल 2013

छोटी कविताएँ - 20


  भूख 

भूख ही पहचान है
जीवन की
भूख है
तो सब कुछ है
संसार है
भूख को सदा जीवित रखना
आधा पेट ही खाना
सुन रे ! इंसान |



   अद्भुत लड़की


रात भर मेघ गरजे
सुबह होते ही
लिपस्टिक लगा
कड़क माड़वाली सूती साड़ी में
वह निकली
ठेंगा दिखा समय को
देखते रह गये पड़ोसी |

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