मंगलवार, 17 नवंबर 2015

मैं बावरी हतप्रभ खड़ी


18 November 2015
09:45
-इंदु बाला सिंह


गलत सही ना कुछ इस जग में
सही है बस  पैसा ..........
पैसे की न जात .....न रंग .....न धर्म
पैसा तो
सर पे चढ़ के बोले
जी हजूरी कराये
वक्त के संग मिल कत्ल  करे..............
पैसे को कोसें
सब 
अपने ड्राइंग रूम में  
और पूजें बेड रूम में 
मैं बावरी हतप्रभ खड़ी
देखूं
रंग बदलती औरतें .........सफेदपोश मर्द ......पूतोंवाली निपूती माता |

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