18
November 2015
13:24
-इंदु बाला
सिंह
छत पर से
छुपके
फेंकता था
गिट्टी के टुकड़े
छोटी बहन का
भाई
बहन की मित्र
मां बाप की एकलौती सन्तान के छत पे
और डर के
कहा
करती थी मित्र -
न जाने कौन
मेरी छत पे रोज दोपहर में फेंकता है पत्थर |
जान के भी
अनजान बनी रहती थी
छोटी बहन
शायद
वह आनन्द
उठाती थी
अपने भाई की
दबंगई का |
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