Mon 2 Nov 7 : 56 : 07
-इंदु बाला सिंह
चौके में
जूठे बर्तन के पास आंगन में
गंदे कपड़े के पास बाथरूम में
मातृत्व को साकार करती
माँ के पीछे पीछे चलती
बिटिया ने
होश सम्हाला
आफिस में
अपने जीवन साथी के घर में
सड़क पे
और देखते ही देखते
आ गयी तलवार हाथ में
कूद पड़ी थी
वह बिटिया जीवन युद्ध में
जीतने को
अपना अस्तित्व ।
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