शनिवार, 14 जून 2014

फेरों का विश्वास


14 June 2014
10:56

-इंदु बाला सिंह

सात फेरे लेते ही
एक अनजान युवा
बन जाता है
एक युवती के मन की सम्पत्ति
भले ही
वह युवा
उस युवती के जीने की राह में
कभी भी
साथ न दे
पर
जब तक
वह पुरुष जीवित रहता है
तब तक
दूर रह कर भी
समाज व क़ानून की निगाह का जीवन साथी
पत्नी को दिखता है स्वप्न में
और
उसके कष्टदाताओं को
ललकारता रहता है
पर
उसी दूरस्थ पति की मौत की खबर
पाते ही
वह युवती
लड़ने लगती है
समझौते करती है
अपने
दुश्मनों से
अपने स्वप्न में ......
यह भी एक
अद्भुत विश्वास है
फेरों का |






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