बुधवार, 2 अप्रैल 2014

रैली


मेसेज आया है जी !
हमारे मोबाइल में
परसों पार्टी की रैली है
देखो कितना याद रखते हैं हमें
हमारे नेता गण
लेकिन कैसे जाउंगी मैं
इतनी दूर
दुसरे जिले में
और
मुझे याद आ गयी 
वह ट्रेन यात्रा
जिसमें एक स्टेशन में
चढ़ गया था
युवक युवती व वृद्ध वृद्धा का जत्था
सब ढकेल रहे थे
एक दुसरे को
बूढ़ी महिलाओं को गोद में उठा कर
डिब्बे की ऊपर वाली
सामान की बर्थ पर बैठा दे रहे थे
जनरल डब्बा
ठसा ठस भर गया था
बगल के सहयात्री से पता चला
वे किसी रैली में भाग लेने जा रहे थे
बस एक घंटे बाद
उनका गन्तव्य आ गया
और वे उतर गये |



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