शनिवार, 26 अप्रैल 2014

कर्ज में डूबा


27 April 2014
08:39

              -इंदु बाला सिंह 


बिजिनेस डूबा
कर्ज चढ़ा .......
घर बिका देखते देखते
पर
उस व्यक्ति के मनोबल ने
अचंभित किया मुझे .......
क्योंकि
वह
अपने ही मुहल्ले में
एक गली छोड़ किराये पर
मकान ले रहने लगा
सपरिवार |
लोग तो हारने पर
कम से कम
मुहल्ला बदल लेते हैं ......
बच्चे के
कक्षा में फेल होने पर
तो
अभिभावक
उसका स्कूल ही बदल देते हैं ...
उसकी पत्नी
पहले की तरह
सुबह पार्क में टहलती है
और
बच्चे भी पार्क में खेलते हैं |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें