रविवार, 27 अप्रैल 2014

झांसी की खामोशी


28 April 2014
06:37

        .इंदु बाला सिंह 

पीठ पर पुत्र बांध
वह जब कूदी
तलवार ले
जीवन संग्राम में
घरों की खिडकियों के
बड़े पर्दे खिंच गये
पर
स्वर्ग से
जौहर की हुयी आत्माओं ने
फूल बरसाए
आज झांसी का मान
युद्धरत था
झांसी खामोश थी |



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