25 April
2014
22:09
-इंदु बाला
सिंह
एक कम्पनी के
फेसबुक पेज
को
बस यूं हीं देखते हुए ख्याल उपजा
पूरा पेज माँ
बेटी
पिता पुत्र
पति पत्नी
..बेटी बेटी के मुस्कुराते चेहरे
से भरा पड़ा था
पर उस प्रचार
के किसी पेज में
मुस्कुराता
बुजुर्ग
या
दादी दादा
नानी नाना न थे
फिर ख्याल आया
अरे !
वे तो ओल्ड
होम में होंगे
हर घर के
ड्राइंग रूम
में
तो
मुस्कराती
पत्नी सजती है
रिश्ते तो
गरीबी में पलते हैं
अमीरी में
नहीं |
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