बेटे की तरह
अधिकार
सुख सुविधा
पा कर
घर में
बड़ी होने
वाली
पापा
बेटे का सम्बोधन पाने वाली बेटी
जब
स्कूल
,कालेज से निकल कर
आफिस पहुंची
वैवाहिक बंधन
में बंधी
तब
उसे मालूम हुआ
कि
वह भी
सर्वहारा समाज
की
एक मामूली सी
आम सदस्य है |
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