शनिवार, 12 अप्रैल 2014

बेटी की किस्मत


बेटे की तरह
अधिकार
सुख सुविधा
पा कर
घर में
बड़ी होने वाली
पापा बेटे का सम्बोधन पाने वाली बेटी
जब
स्कूल ,कालेज से निकल कर
आफिस पहुंची
वैवाहिक बंधन में बंधी
तब
उसे मालूम हुआ
कि
वह भी
सर्वहारा समाज की
एक मामूली सी आम सदस्य है |

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