गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020

एक कमरे का संसार


- इन्दु बाला सिंह


एक कमरे के संसार को देख

अनायास कह उठा स्विच रिपेयर करने को आया बिजली मेकैनिक ....

बहुत अच्छा से जमा के रखा है आपने अपना सामान ।

और मैंने सोंचा ......

जाड़ा गरमी बरसात यही तो मेरा रसोई घर , स्टडी रूम , बेडरूम स्टोर रूम रहा ।

रात में बिजली गुल होने पर बच्चों को पंखा झलना भला कोई भूलने की चीज है .....

अंधेरे कमरे में झरोखे से झाँकता चाँद

कमरे में माँ बच्चों के बीच चलती अंताक्षरी भुलाए न भूलती .....

छत होना ज़रूरी होता है ....... जीने के लिये ।

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