गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020

ओ बादल !


- इंदु बाला सिंह


लगता है ...

कहीं कोई रो रहा है 


कहीं कोई गरज भी रहा है ...


डर से दुबक गया है कहीं मेरा वाई फाई भी 


ढूंढे न मिले वो मुझे ।


ओ बादल !

बरसो .....

पर

न गरजो

न डराओ ...

मेरा लैपटॉप बन्द है

आई पैड बन्द है

ऐसे ही गरजते रहे बादल तुम

तो

छुप जायेगी

बिजली रानी भी

डर के

मारे ।

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