शुक्रवार, 22 नवंबर 2013

वक्त की पाबंदी स्कूल में

यूनिफार्म में स्कुल का बैग लटकाए
लौटनेवाले बच्चे
पैदा करते हैं मन में निराशा
जाड़े की सुबह
सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक भी 
थोड़ा ज्यादा पाबन्द हो जाते हैं वक्त के
और सिखाने लगते हैं विद्यर्थियों को समय की महत्ता
अब ये बच्चे खलेंगे किसी पार्क में
या किसी खाली मैदान में
अपना बैग छुपा देंगे ये किसी पेड़ के पीछे
घंटों बतियाएंगे
और इधर उधर घूम कर लौट जायेंगे घर
ठीक विद्यालय की छुट्टी के समय पर
एक बार किसी ने देख लिया था
बच्चों को बालू के ढेर में बैग छुपाते
और छुप कर उसने बैग पहुंचा दिया था स्कूल में
बैग की डायरी देख
जम कर हंगामा हुआ था
समय पर स्कूल का गेट बंद कर
मीलों दूर से साईकिल चला कर स्कूल आने वाले बच्चों को
आखिर कौन सा पाठ पढ़ा रहा है स्कूल ?




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