गुरुवार, 4 जून 2015

कटु सत्य


05 June 2015
06:22

-इंदु बाला सिंह


हमारे अपने
सदा सच रहते हैं
हमें विस्वास में ले के
वे ठगते हैं हमें
यही सच है
और
अपनी ठगी व झूठ के पकड़े जाने से पूर्व
वे हमसे दूर चले जाते हैं
यह भी सच है
झूठ जब दिखने लगता है
तब वह कटु सत्य लगने लगता है ...........
स्वार्थ
समाज में गंध फैलाने लगता है |

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