सोमवार, 1 जून 2015

औरतें मस्त रहतीं हैं


01 June 2015
22:42

-इंदु बाला सिंह


औरतें
सदा मस्त रहतीं हैं
बतियाती  हैं
जहां भी मिलतीं हैं वे
एक दुसरे से अपने मर्द , बाप , भाई के गुन बखानती रहती हैं
वे
अपने दामाद के गुन भी बखानती हैं
आखिर उनका मरद ही तो चिराग ले के ढूंढ के लाया था उसे
और उसका पैर पूजा था
इन औरतों की दुनिया में बिटिया भी कभी कभी दिखती है
जब वे कहती हैं ....
आपको तो आराम है आपका किचेन आपकी बिटिया सम्हालती है
हमारी ऐसी किस्मत कहां |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें