27 June
2015
10:20
-इंदु बाला
सिंह
सच को झूठ
बतलानेवाले इतने बढ़े
कि
एक दिन
झूठ राजा
हो गया
और
सच
जंगल में रहने चला गया ........
चाची से
यह अजीब सी
कहानी सुन
बीस वर्षीया
युवती के मन में प्रश्न उठा .........
कभी ऐसा भी
होता है क्या !
वह पलट कर
देखी
खटिये पे सोयी
अपनी चाची को
जो अब खरांटे
निकालने में व्यस्त थी |
नींद उड़ गयी
युवती की
वह अपने
लैपटॉप में
अपनी मनपसन्द
फिल्म फिर से देखने लगी |
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