07 June
2015
14:04
-इंदु बाला
सिंह
खा कर लेटे मजदूर थोड़ी देर में काम पे लग गये
और
कुर्सी पर
बैठा ऊंघता ठेकेदार भी चौकन्ना हो कर बैठ गया
बयालीस
डिग्री टेम्प्रेचर में
सिर पर मसला ढोती कृशकाय औरतें
बेलचे से उनकी
कढ़ाई भरते पुरुष
पेड़ के छांव
में बैठा ठेकेदार
सीमेंट बालू
गिट्टी मिलाता मिक्सर
बना रहे हैं
विशालकाय मकान एक व्यक्ति का
जिसमें लगेंगे
ए० सी० , कम्प्यूटर और एग्झास्ट फैन जैसी सुविधाओं वाले उपकरण
कम से कम एक
वर्ष तक मिलेगा रोजगार मजदूरों को
लेकिन
अनगिनित मजदूर
आयेगें
और
चले जायेंगे
...........
कितने दिन तक
जाड़ा , गर्मी , बरसात की मार कितने दिन तक सह पायेंगे वे
क्या होती है
इनकी आयु ?
ये
हमारे जैसे
दिखते लोग आखिर कहां से आते हैं
और
कहां खो जाते
हैं |