गुरुवार, 30 जुलाई 2015

अभाव उपहार है


31 July 2015
07:08


-इंदु बाला सिंह



झुक जाता है
हर याचक
दान के बोझ से .......
मत करना
तू कभी याचना
क्योंकि तेरी ही मुट्ठी में
है बंधी
तेरे नसीब की मुस्कान ........
आभावग्रस्त
सदा बढ़ता ही जाता है .........आगे ही आगे
मन मृदंग बजाते बजाते ........
सुन प्यारे !
उपहार है
अभाव
अदृश्य शक्ति का इंसान को
जिसने समझा
पार कर लिया भवसागर उसने |

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