18 July
2015
22:57
-इंदु बाला
सिंह
घरों के
हर
दिन बारह काम करनेवाली
कामवाली
पाती थी
एक काम के पांच सौ
रूपये
हर महीने ..........
घर में
छूटे उसके
दो छोटे बच्चे
एक दिन ऐसा
लड़े
कि
सिर फूट गये
छोटे भाई का
और
उस दिन
कामवाली को समझ आया
अपने बस्ती की
ट्यूशन आंटी
की कीमत
जो
बच्चों को
महीने के पचास
रूपये ले कर
हर दिन
तीन घंटे पढ़ाती
थी
काश !
वह भी अपने
बच्चों को
ट्यूशन आंटी
के पास छोड़ कर गयी होती
काम पे |
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