रविवार, 2 अगस्त 2015

लक्ष्य पताका


03 August 2015
11:34


-इंदु बाला सिंह

तेरी जीत का बीज मैं ........
तेरी हार का बीज भी मैं .............
ओ मेरे पुत्र  !
जो न जीत को ले
अपने दिल पे
और न ही अपनी हार को
वही इंसान
सदा फहराये
अपनी लक्ष्य पताका  |

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