22 July 2015
08:03
08:03
- इंदु बाला सिंह
कितनी अद्भुत है
यह अंगूठी
ललक कर बोली बिटिया मेरी
मुझे चाहिये...
यही अंगूठी
नानी मुस्काई .......
ओ नन्ही परी !
रुक जा
देखना आयेगा एक दिन तेरा राजकुमार
तुझे पहनायेगा यही अंगूठी
मेरी बिटिया देखती रही सपनीली आंखों से
अपनी
काल्पनिक हीरे जड़ी सुनहली अंगूठी |
यह अंगूठी
ललक कर बोली बिटिया मेरी
मुझे चाहिये...
यही अंगूठी
नानी मुस्काई .......
ओ नन्ही परी !
रुक जा
देखना आयेगा एक दिन तेरा राजकुमार
तुझे पहनायेगा यही अंगूठी
मेरी बिटिया देखती रही सपनीली आंखों से
अपनी
काल्पनिक हीरे जड़ी सुनहली अंगूठी |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें