09 July
2015
13:32
-इंदु बाला
सिंह
बसी जब से
समन्दर
किनारे
रात में
वह अपनी आवाज
से डराने लगा
याद आये
भूत प्रेत
और
सुनामी
भयभीत हो
भूल चली
मैं
आनेवाला कल
और
देखते ही
देखते
रात में
अच्छी नींद
आने लगी |
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