गुरुवार, 23 जुलाई 2015

हंस के जियो यारो


22 July 2015
15:54


-इंदु बाला सिंह

आंचलिक गीत बज रहे थे
ऊंची आवाज में
पास से ही आ रही थी आवाज
आदिवासी गीत किसके घर बज रहा है ....
उत्सुकता हुयी .......
बाहर दिखा ट्रक की छत पे बैठा दुबला पतला कंधे पे गमछा डाला युवा
उसके हमउम्र चार युवा उतार रहे थे
तेजी से ट्रक पर लदा इंटा
थोड़ी देर में
चला गया ट्रक
पर
सिखा गया वह ट्रक ड्राईवर
जिन्दादिली ........
जब तक जियो हंस के जियो यारो |

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