मंगलवार, 21 जुलाई 2015

रोशनी की आस


21 July 2015
23:10

-इंदु बाला सिंह


युवा
आशा भरी आखों से देख रहे हैं
सडकों को 
पोस्को कब खुलेगा ?
हमारी सड़कें जगर मगर करेगी रोशनी से
बड़ी बड़ी दुकानें खुलेगी
अस्पताल और स्कूल खुलेगा
हमें कमाने
अपने गांव से दूर नहीं जाना पड़ेगा ......
और
युवाओं के संग
उनके बच्चे भी बड़े हो रहे हैं
बच्चे
स्कूल खाना खाने जा रहे हैं ......
खेतों में दौड़ लगा रहे हैं ..........
अंधियारे में सडकों पर गुजरती कारें देख रहे हैं |


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