07 July 2015
07:05
-इंदु बाला सिंह
लड़की रोपते हैं
हम
अपनी चाहरदीवारी में ......
कालान्तर में
विशाल फलदार वृक्ष बन जाती है वह .............
कभी कभी
वह बरगद भी बन जाती है .........
हैरत होती है ........
एक जगंह से
उपार कर
घरों में रोपे गये चारा को
अपनी मिट्टी से कटने के बाद भी
इतना विशाल बनते देख |
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