मंगलवार, 12 मई 2015

खोयी है परछाईं


12 May 2015
23:14

-इंदु बाला सिंह

यूं लगे
खो से गये
जहां में
अब हम  ......
लो भूल चले
अब तो हम 
अपने  भी निशां
ये कैसी तन्हाई है
अपनों की भीड़ में खोयी है आज 
अपनी ही परछाईं |

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