गुरुवार, 10 दिसंबर 2015

आखिर क्यों




-इंदु बाला सिंह

चित्रित कर पाते हैं पुरुष कवि
स्त्री मन
पर
स्त्री खुद मौन रहती है
या
टरकाती  है
वह
हमें
अपनी रचनाओं में..........
आखिर क्यों । 

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