सोमवार, 26 मार्च 2012

युवा


सदा मन करता है
गुलाम रखने का पास
स्त्री हो या पुरुष |
इतिहास मानो सोया रहता है
मन में
मौका मिलते ही जग जाता है|
आज है मानव
सवार विज्ञान पर 
दूर करना है उसे गरीबी ,और धर्मान्धता |
स्त्री पुरुष एक सिक्के के दो पहलू
एक तरफ घिसा तो
खोटा कहलाया |
क्यूँ न लें हम गोद
एक प्राकृतिक आपदाग्रस्त औलाद को
अनाथालय की क्या आवश्यकता |
घर में स्त्रियों को सम्मान दें हम
नारी - निकेतन
न जन्म दें |
हम सबल नहीं तो
हमारा घर सुरक्षित नहीं
आपसी इर्ष्या मिटा देगा निशां मानवता का |
समाज सेवा कौन सा नारा है
अपनी सेवा करें
हम से समाज है |
हम स्वस्थ हैं
प्रसन्न हैं
समाज भी स्वस्थ है प्रसन्न है |
हम से है बनी
दुनिया
दुनिया से हम नहीं |
ऐसा है स्वप्न
इसे ही 
हर काल में हमने किया है सत्य |
हम हैं युवा मतवाले
किसके रोके
रुकनेवाले |

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