शुक्रवार, 16 मार्च 2012

दुःख का जन्म

१९८०

हर व्यक्ति चाहता है
वो सुखी रहे
और लगातार सुखी रहने से
उपजी ऊब में जन्म लेता है दुःख |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें