रविवार, 25 मार्च 2012

बेटी


सास है
बहु है
बेटा है
माँ है
पिता भी है
समग्र अच्छाइयों और बुराइयों के साथ
पर बेटी कहाँ ?
अरे !  
वो तो दान कर दी गयी थी
कितना पुण्य मिला था !
स्वर्ग में एक स्थान भी
आरक्षित हो गया था
अब कोई चिंता नहीं
जिसने बेटी नहीं पैदा की वो चिंतित हों |
अरे !
देखो मिल गयी बेटी
कानून की किताब में
पर इस निर्जीव का करूँ क्या
साधक ही नहीं कोई
पर धन्यवाद  का पात्र है वो बुद्धिजीवी
जिसने एक जगह दे दी उसे |

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