आपकी नैतिकता का पाठ
शिक्षक जी
विद्यालय में ही
पाए शोभा
जिंदगी में नहीं |
जिंदगी भर के
परिश्रम से
एक घर न ठोंक सके
शिक्षक महोदय आप
देखो दिहाड़ी मजदूर ने
ठोंका घर
चाहे जैसे भी
यह सोंचने का विषय नहीं आपका |
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