#इन्दु_बाला_सिंह
जीवन की भागदौड़ में
बेटियाँ
ठहराव होती हैं
बरगद की छाँव होती हैं
उनकी आँखों में हमें नया समय दिखता है
आशा दिखती है
कल्पना की उड़ान दिखती है ……
पारियों की परिकथाओं सी होती हैं बेटियाँ
बहन सी श्रद्धा और माँ सी असीस होती हैं बेटियाँ
बेटी का अपमान
ख़ुद का आत्महन्त है
बिन बेटी घर सूना ।
11/10/24
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