#इन्दु_बाला_सिंह
वृद्धाश्रम में हैं औरतें
वे अकेली कैसे रहें
मर्द होता
तो रह ही लेता अकेला
अपने घर में भी डर है औरतों को
बेटी के जन्मते ही
उसके भविष्य की चिंता करने लगते हैं पिता
बेटी से घर है
पर
बेटी सुरक्षित नहीं
कितना भी पढ़ लिख ले बेटी
सुरक्षा सदा एक मुद्दा रहा है पिता के लिये
ब्याह कर बेटी का
उसे सुरक्षित घर में पहुँचाते है वे
आगे भवितव्यता पर निर्भर है
देह व्यापार में तृप्त करतीं हैं बहुतों को औरतें
अरे!
औरतें सरकारी पदों पर हैं
कॉर्पोरेट सेक्टर में हैं
स्पेस में जा रही हैं
पर्वतारोहण कर रही हैं ….…
कितनी प्रतिष्ठित पदों पर हैं वे
पूजी जातीं है वे नवरात्रि में
फिर
कैसे लोग कहते हैं -
दलितों में महा दलित हैं महिलायें
घरों की खिड़कियों से अंदर झांकने का दम भला कैसे हो ।
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