11 March 2016
08:36
08:36
-इंदु बाला सिंह
नेकी कर के
हम याद रखते हैं
याद दिलाते हैं इश्वर को
कहते हैं - बहरा है ईश्वर ..............
आखिर क्यों नहीं भेजते वे किसी को हमें उपहार देने के लिये |
पर
भूल जाते हैं हम
वह अहसास जो हमने पाया था नेकी करते वक्त
भले ही पल भर के लिये
हमारे मन में सोया ईश्वरत्व जागा तो था |
हम याद रखते हैं
याद दिलाते हैं इश्वर को
कहते हैं - बहरा है ईश्वर ..............
आखिर क्यों नहीं भेजते वे किसी को हमें उपहार देने के लिये |
पर
भूल जाते हैं हम
वह अहसास जो हमने पाया था नेकी करते वक्त
भले ही पल भर के लिये
हमारे मन में सोया ईश्वरत्व जागा तो था |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें