शुक्रवार, 18 मार्च 2016

शक्ति



- इंदु बाला सिंह


प्रकृति से बड़ी
कोई 
शक्ति नहीं
वह शून्य में मिले
या
स्वयं में । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें