मंगलवार, 9 फ़रवरी 2016

कहाँ से आये आतंकवादी


10 February 2016
07:36
-इंदु बाला सिंह


रात हो गयी है
शहर पुस्तकालय सा खामोश है
अस्पताल ऊंघ रहे हैं
थाना जाग रहा है
सड़कें ठंडी हैं .... पर घर गर्म हैं
बंद पुस्तकें सी मौन हैं
जिंदगियां ........
मेरा शहर सहमा सा है .....यह सदा चौकन्ना रहता है .........
मेरे शहर के बच्चे
शैतानियां नहीं करते
वे अभिभावक की छाँव से सीधे तीर से निकल
पहुंचते हैं अपने विद्यालय  ............
सुना है -
आतंकवादी हमारे शहर की ओर रुख किये हैं ..........
आज विचारमग्न है मन ....... आखिर किस ग्रह से आये हैं ये आतंकवादी |

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