My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.
किसी ने न बुलाया उसे
अपने तीज त्यौहार में
घर के शादी , मरण में
मकान के दूसरे हिस्से में रहनेवाले उसके सगे भाई को बुलावा आता रहा
हर घर से
वह रहती रही अपने बच्चों के साथ समाज से कटी ।
शायद भगवान ने भी अपनी निगाहें फेर ली थी ।
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