My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.
हर घर में कोई न कोई रहता है
मां, बहन , भाभी , मौसी , बुआ , भांजी , भतीजी
हर घर पुकारता है
थके यात्री को
रिश्तों को
पुरुष रिश्तों को .....
मकान में घर है
और घर में मिठास है ।
गरीब वर्ग अपना मकान अपनी पत्नी के नाम कर जाता है
स्त्री है तो घर है ।
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