06 May 2016
12:56
12:56
-इंदु आला सिंह
आस की डोर टूट गयी हो
और गर राह आगे जा रही हो
तो बेहतर है चलना ....
धीरे धीरे चलते रहना ......
चेतन ज्योत जलाये रखना ....
बस ...... बढ़ते रहना आगे ही आगे ...
भले ही तपन बना दे .......भींगा तन काठ |
और गर राह आगे जा रही हो
तो बेहतर है चलना ....
धीरे धीरे चलते रहना ......
चेतन ज्योत जलाये रखना ....
बस ...... बढ़ते रहना आगे ही आगे ...
भले ही तपन बना दे .......भींगा तन काठ |
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