मंगलवार, 31 मई 2016

हिस्से की छांव


पिता ने वादा किया 
सुरक्षा देने का
जमीन जायदाद में हिस्सा देने का
अपनी बेटी से ..
शर्त छोटी सी थी ....... बस अपने निकम्मे जीवनसाथी को त्यागना होगा .........
पिता अपना वादा भूल गये ....... गुजर गये .......
पर
बेटी अपने पिता का वादा याद रखी ......
कुम्हलाती रही
अपने हिस्से की छांव तलाशती रही |

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