शनिवार, 21 मई 2016

सफलता का आकांक्षी





-  इंदु बाला सिंह


कल रात आंधी आयी
बलशाली की हुयी कमायी
सूर्योदय से पहले
कट गये  ........ शहर के  ... पार्क के  ...... सारे धराशायी पेड़     .....
सफलता का आकांक्षी ....  सदा सोता कच्ची नींद
क्या पता ..... कब अवसर खटखटा दे
उसके द्वार । 

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