मन व बुद्धि
खेलें
आँख- मिचौली
तन
मुस्काए |
लिली का फूल
खिले जो घर
में , करे
मन प्रफुल्ल |
मन करता
लिखूं एक
कविता
तेरी
आँखों पे |
चुरानेवाले
!
रचना
क्यों चुराया ?
दिल
चुरा ले !
My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.