खाइए सोईये
मस्त रहिये जनाब !
अंगडाई लीजिए
चाय पीजिए जहाँपनाह !
पड़ोसी हैं हम
हमारी क्या बिसात !
शान हैं आप
हमारे समाज की |
आपकी चर्चा
शान है नुक्कड़ की |
आपसे हैं हम
हमसे है दुनिया !
आप खुश रहिये
हमें भी मौका दीजिए !
My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.