वो
घरों में
बर्तन मांजती है
सड़क के किनारे
कुदाल चलाती है
ऑफिस की
सफाई करती है |
उसके
श्रम से
घर का चूल्हा जलता है
पैसे से
भाई बहन
विद्यालय जाते हैं
प्रार्थना से
देवतागण प्रसन्न होते हैं |
वह
बोझ है
मध्यवर्ग में
तृप्ति है
सड़क -छाप मजनुओं की
बहस का मुद्दा है
बैठकों का |
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