सोमवार, 3 फ़रवरी 2025

दुःख दिया ख़ुशी ने

दुःख में भी खुश रहने का बहाना तलाशा मैंने 


और 


खुश रही 


खुश रहने की आदत ने जितना मुझे सुख दिया 


उससे ज़्यादा दुःख दिया 


जिन्हें मुझे रुलाने में आनंद आता था 


वे निकलते गये 


मेरी ज़िंदगी से 


अकेली हो गयी मैं 


संबंधों को जोड़ने की कोशिश में ।



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