#इन्दु_बाला_सिंह
दो साल के उम्र की लड़की
पार्क में
बालू में खेल रही है
माँ
अपने मोबाईल में व्यस्त है
दो साल के बच्ची के खिलौनों में प्लास्टिक के किचेन के बर्तन हैं
हर थोड़ी देर में बच्ची अपनी माँ को खेलने बुला रही है
आये दिन दिखते हैं मुझे ऐसे दृश्य
छोटे लड़के भी दिखते हैं
वे फिसलन पर चढ़ते हैं
झूला झूलते हैं
रस्सी के जाल पर चढ़ने के चेष्टा करते हैं
पाँच वर्ष के आसपास के होंगी तीन लड़कियॉं
वे दौड़ रहीं हैं
एक दूसरे को पकड़ने की चेष्टा कर रहीं हैं
दो चार वर्षीय लड़कियां आयीं एक साथ
मेरा मुँह देख कर हंस रहीं हैं
अजूबा व्यवहार लगा मुझे
वे फिर हंस रहीं हैं
मेरी आँखे थोड़ी कड़ी हो गयीं
क्या हुआ?
वे बोलीं -
हम लोग स्कूल में ऐसे ही करते हैं
मैंने सोंचा -
लड़कियां फुटबॉल क्यों नहीं खेलतीं ।
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